Author: Nikhil Kapoor

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उम्र के निशान

इंद्रधनुषी रंगों से भरे , बुलबुले से सपने , रात की नाभि पर , नींद भर लट्टूओं सा नाचते रहे । सुबह की उंगली क्या लगी , फूट कर अंधेरों में जा घुले ।...